यह हिंदी नोट्स Old NCERT Social Science (Class 6) के भूगोल के अध्याय 2 “ग्लोब, अक्षांश और देशांतर” पर आधारित हैं। इस अध्याय का उद्देश्य छात्रों को ग्लोब, अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) की अवधारणाओं को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाना है, ताकि वे पृथ्वी की भौगोलिक स्थिति और स्थानों को पहचानने की प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।
ग्लोब पृथ्वी का एक छोटा और सटीक रूप है, जो हमें पृथ्वी के आकार, उसके विभिन्न भागों और प्रमुख भौगोलिक स्थानों को ठीक से समझने में मदद करता है। यह एक गोलाकार वस्तु होती है, जो पृथ्वी की तरह दिखती है, और इसमें पृथ्वी पर स्थित प्रमुख पर्वत, नदियाँ, देश, महासागर, और अन्य महत्वपूर्ण स्थान होते हैं। ग्लोब का उपयोग हमें पृथ्वी के आकार और स्थानों के बारे में एक स्पष्ट और वास्तविक चित्र प्रदान करने के लिए किया जाता है।
इस अध्याय में अक्षांश और देशांतर की परिभाषा और उनका महत्व भी समझाया गया है। अक्षांश (Latitude) वह काल्पनिक रेखाएँ होती हैं जो पृथ्वी को उत्तर और दक्षिण गोलार्द्ध में बाँटती हैं। अक्षांश रेखाएँ पृथ्वी की सतह पर समानांतर होती हैं और यह पृथ्वी के विभिन्न स्थानों के बीच की दूरी का माप करने में मदद करती हैं। प्रमुख अक्षांश रेखाएँ हैं: समानांतर रेखाएँ, उत्तरी अक्षांश (North Latitude) और दक्षिणी अक्षांश (South Latitude)।







Reviews
There are no reviews yet.