इस अध्याय में, कक्षा X की किताब “क्षितिज-2” का ग्यारहवां अध्याय “नौबतखाने में इबादत” हमें लोकप्रिय कवि और लेखक यतीन्द्र मिश्र के साथ बुलाता है। इस अध्याय में उन्होंने नौबतखाने की आदतों और उसमें जुड़े धार्मिक भावनाओं को चित्रित किया है, जो पाठकों को सोचने पर प्रेरित करेगा।
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